जीवन का उद्देश्य — पहली हिमालय यात्रा - A path to self-realization
बहुत दिनों से मन में कई प्रश्न उठते रहते थे—हम धरती पर क्यों हैं, हम कौन हैं, जीवन का उद्देश्य क्या है, धर्म क्या है? जब सत्य एक है, तो इतने धर्म क्यों हैं? मनुष्यों में एक-दूसरे के प्रति इतनी ईर्ष्या और घृणा क्यों है? हिंदू धर्म में भी इतने अलग-अलग मत क्यों हैं? अपने व्यक्तिगत जीवन में बचपन से संघर्ष और अभावों के बावजूद, हमें जीवन में बहुत कुछ प्राप्त हुआ—जो शायद बहुत से लोगों के लिए सपनों जैसा हो: एक अच्छी नौकरी, अच्छी कॉर्पोरेट सैलरी, अच्छा परिवार, देश-विदेश की यात्राएँ, स्वस्थ जीवन, खेलकूद, संगीत, और साथ ही अपने गाँव-देश के सामाजिक उत्थान के लिए कार्य। इतना सब कुछ होने के बाद भी, मन के भीतर कहीं न कहीं एक अशांति हमेशा बनी रहती थी, क्योंकि कुछ ऐसे प्रश्न थे जिनके उत्तर हमारे पास नहीं थे। कई महीनों पहले विचार आया कि जीवन के 50 वर्ष पूर्ण होने वाले हैं। क्यों न स्वयं को समझने और आत्म-अनुभूति (self retreat) के लिए कुछ समय निकाला जाए, और एकांत में हिमालय की यात्रा की जाए। हम अपने आपको सौभाग्यशाली मानते हैं कि 1 अप्रैल से 11 अप्रैल तक हमें उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में रहने का अ...